हमारी पृथ्वी के कुछ ऐसे रहस्य जिन्हें आप जानते ही नही|

 

सौर मंडल के सभी ग्रहों में पृथ्वी ही एक ऐसा ग्रह है जंहा जीवन संभव है| इसीलिए कहा जाता है की धरती स्वर्ग है| हमारे वैज्ञानिक लगातार धरती के कई अनसुलझे रहस्य को सुलझाने में लगे हुए है| तो चलिए आज कुछ ऐसे ही रहस्यों परदे हटाते है|

earth

 


 

  • पृथ्वी अपने अक्ष पर 23.30 डिग्री  झुकी है ?

 

  • सौर मंडल का एक मात्र ग्रह पृथ्वी है जिस पर जीवन है|

 

  • सौर मंडल के बड़े ग्रहों में पृथ्वी का पाचवा स्थान है|

 

  • पृथ्वी का विषुवतीय व्यास 12756 किलोमीटर  है । इसी तरह इसका ध्रुवीय व्यास 12714 किलोमीटर है ।

 

  • पृथ्वी अपने अक्ष पर पश्चिम से पूरब दिशा में धूमती है|

 

  •  पृथ्वी अपनी धुरी का चक्कर 1610 किलोमीटर प्रति घंटे की चाल से 23 घंटे 56 मिनट 4 सेकेंड में में पूरा करती है|

 

  • पृथ्वी की घुर्णन गति से दिन और रात होता है|

 

  • पृथ्वी की परिक्रमण गति से साल बनते हैं|

 

  • सूर्य की परिक्रमा करने में पृथ्वी को 365 दिन 5 घंटे 48 मिनट 46 सेकेंड यानी 365 दिन 6 घंटे का समय लगता है|

 

  • पृथ्वी को सूर्य की एक परिक्रमा करने में लगा वक्त सौर वर्ष कहलाता है|

 

ये भी पढ़े-अगर आपको भी सफ़र में होती है उल्टियां तो ये पोस्ट सिर्फ आपके लिए है|

 

  • प्रत्येक सौर वर्ष या कैलेंडर वर्ष में 6 घंटे का समय बढ़ जाता है|

 

  • आकार और बनावट की दृष्टि से पृथ्वी शुक्र ग्रह के समान है|

 

  • पृथ्वी को नीला ग्रह पानी की उपस्थिति के कारण कहा जाता है|

 

  • सूर्य के बाद पृथ्वी का सबसे निकट का तारा प्रॉक्सिमा सेंचुरी है|

 

  • पृथ्वी का एक मात्र उपग्रह चंद्रमा है|

 



 

  • चंद्रमा की सतह और उसकी आंतरिक स्थिति का अध्ययन करने वाला विज्ञान सेनेनोलॉजी कहलाता है|

 

  • चंद्रमा पर धूल के मैदान को शांति सागर कहते हैं|

 

  • जीवाश्म ग्रह चंद्रमा को कहा जाता है|

 

  • चंद्रमा सूर्य की रोशनी से चमकता है|

 

ये भी पढ़े-अंतिम संस्कार में होने वाली क्रियाओं के पीछे का राज|

 

  • समुद्र में उठने वाले ज्वार भाटे की वजह अपेक्षित सौर्य एवं चंद्रमा की शक्तियों का अनुपात 11:5 होता है|

 

  • चंद्रमा पर पाए जाने वाले चट्टानों में टाइटेनियम धातु की मात्रा सबसे अधिक है|

 

  • पृथ्वी से चंद्रमा का 57 प्रतिशत भाग दिखाई देता है|

 

  • चंद्रमा धरती की परिक्रमा एवं घुर्णन 27 दिन 8 घंटे में करता है|

 

  •  चंद्रमा का सबसे ऊंचा लीबनिट्ज पर्वत है|

 

  • चंद्रमा पर सबसे पहले पहुंचने वाले अंतरिक्ष यात्री नील आर्मस्ट्रांग एवं सर एडविन एल्डिन थे|

 

  • चंद्रमा पर 21 जुलाई 1969 में अंतरिक्ष यात्रियों ने पहुंचने में सफलता पाई थी|

 

  • चंद्रमा पर पहली बार पहुंचने वाले अंतरिक्ष यात्री अपोलो-11 यान से गए थे|

 

  • वैसी काल्पनिक रेखा जो पृथ्वी के प्रकाशित और अप्रकाशित हिस्सों को बांटती है  प्रकाश चक्र कहलाती है|

 

  • पृथ्वी के परिभ्रमण की दिशा पश्चिम से पूर्व है|

 

ये भी पढ़े-क्यूँ चलती है गाड़िया भारत में सड़क के बायीं ओर अमेरिका में दायी ओर |

 

  • जिस कक्षा में पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा करती है उसे दीर्घवृत्तीय कहते है |

 

  • उपसौरिक एवं अपसौरिक को मिलानने वाली काल्पनिक रेखा सूर्य के केंद्र से गुजरती है, इसे एपसाइड रेखा कहते हैं|

 

  • 3 जनवरी को सूर्य और पृथ्वी के बीच की दूरी कम हो जाती है जिसे उपसौरिक कहते हैं|

 

  • जुलाई को पृथ्वी सूर्य से कुछ दूर चली जाती है इसे अपसौरिक कहते हैं|

 

  • अक्षांश  ग्लोब पर पश्चिम से पूरम की ओर खींची गई काल्पनिक रेखा है, जिसे अंश में प्रदर्शित किया जाता है|

 

  • विषवत रेखा को शून्य अंश की स्थिति माना जाता है|

 

  • देशांतर ग्लोब पर उत्तर से दक्षिण की ओर खींची जाने वाली काल्पनिक रेखा है|

 



 

  • किसी स्थान का समय ज्ञात देशांतर रेखाओं के आधार पर किया जाता है|

 

  • दो देशांतर रेखाओं के बीच की दूरी को गोरे कहते है|

 

ये भी पढ़े-एक ऐसा होटल जंहा खाना परोसने वालो को देख के आप दंग रह जायेंगे |

 

  • जब कभी दिन के समय सूर्य तथा पृथ्वी के बीच चंद्रमा आ जाता है तो सूर्य की चमकती सतह चंद्रमा की वजह से दिखाई नहीं पड़ती है, इसे सूर्यग्रहण कहते हैं|

 

  • पूर्ण सूर्यग्रहण अमावस्या के दिन होता है|

 

  • जब सूर्य और चंद्रमा के बीच पृथ्वी आ जाती है तो सूर्य की पूरी रोशनी चंद्रमा पर नहीं पड़ती है, इसे चंद्रग्रहण कहते हैं|

 

  • पूर्ण चंद्रग्रहण पूर्णिमा की रात को होता है|

 

  • एक देशांतर का अंतर होने पर समय में चार मिनट का अंतर होता है । चूंकि पृथ्वी पश्चिम से पूरब की ओर घूमती है इसलिए पूरब की ओर बढ़ने पर प्रत्येक देशांतर पर चार मिनट बढ़ जाता है और पश्चिम जाने पर प्रत्येक देशांतर पर चार मिनट घट जाता है| इस तरह से समय का निर्धारण किया जाता है|

 

  • 180 डिग्री देशांतर को अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा कहते हैं ।

 

  • अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा आर्कटिक सागर, चुकी सागर, बेरिंग स्ट्रेट और प्रशांत महासागर से गुजरती है|

 

  • कर्क रेखा भारत, चीन और म्यांमार से गुजरती है|

 

  • ग्रीनविच माध्यम समय जीरो डिग्री देशांतर पर होता है|

 

ये भी पढ़े-मसूरी का एक होटल जहां रात होते ही बेचैन हो जाता है कोई ?

 

  • ग्रीनविच माध्यम समय ग्रीनलैंज, नार्वेजियन सागर, ब्रिटेन, फ्रांस, स्पेन, अल्जीरिया, माले, बुर्कीना फासो, घाना और दक्षिणी अटलांटिक सागरसे गुजरता है|

 

  • विश्व को 24 जोन समय में विभाजित किया गया है|

 

  • भारत में 82.30 डिग्री पूर्वी देशांतर मानक समय माना गया है|

 

तो ये थी जानकारी हमारी पृथ्वी के बारे में उम्मीद करते है आपको पसंद आएगी| तो शेयर कीजिये और कमेंट्स कीजिये|

SUDHIR KUMAR
नमस्कार पाठको|
I am Sudhir Kumar from haridwar. I am working with a company as a quality Engineer. i like to singing,listening music,watching movies and wandering new places with my friends. And now you can call me a blogger.
If you have any suggestion or complain you direct mail me on sudhir.kumart.hdr1989@gmail.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!