हमारे साबुन का रंग होता है लाल नीला या पीला| फिर उसके झाग का रंग सफ़ेद ही क्यूँ ?

हमारे साबुन का रंग होता है लाल नीला या पीला| फिर उसके झाग का रंग सफ़ेद ही क्यूँ ?
 
Reading Time: 3 minutes

सुबह का सबसे अच्छा काम नहाना | हम हर सुबह नहा कर  तैयार होकर अपने अपने काम पर जाते है|हम सभी नहाते टाइम साबुन का इस्तमाल जरुर करते है| और सभी के साबुन का रंग भी अलग अलग होता है किसी का लाल, नीला, सफेद ,पीला पता नही कितने तरह के रंग होते है साबुन के| पर अपने कभी सोचा है साबुन चाहे जिस रंग का हो उसका झाग हमेशा सफ़ेद ही क्यूँ होता है| नही सोचा ना तो चलिए आज आपको बताते है की साबुन के झाग का रंग सफ़ेद ही क्यूँ होता है|

हमारे साबुन का रंग होता है लाल नीला या पीला| फिर उसके झाग का रंग सफ़ेद ही क्यूँ ?

 

ये भी पढ़े-गर्भ में पल रहे शिशु और माँ के बारे में कुछ रोचक तथ्य |

 

झाग का रंग सफेद क्यों होता है? इसका जवाब जानने के लिए अपने स्कूल की साइंस क्लास याद करिए। जिसमें बड़े सिंपल अंदाज में बताया गया था कि किसी वस्तु का अपना रंग नहीं होता है। वस्तु पर जब प्रकाश की किरणें पड़ती हैं तो वो बाकी रंगों को एब्जॉर्व कर जिस रंग को रिफलेक्ट करती है वही उसका रंग होता है। वही नियम कहता है कि जब कोई वस्तु सभी रंगों को एब्जॉर्व कर लेती है तो वह काली दिखाई देती है। जब कोई वस्तु सभी रंगों को रिफलेक्ट कर देती है तो वो सफेद दिखाई देती है। यही नियम साबुन के झाग पर भी लागू होता है।

हमारे साबुन का रंग होता है लाल नीला या पीला| फिर उसके झाग का रंग सफ़ेद ही क्यूँ ?

 

ये भी पढ़े-ब्रेस्ट कैंसर होने से कैसे बचे|जानिए इसके बारे में|

 

साबुन का झाग कोई ठोस पदार्थ नहीं है। ये सबसे छोटी पानी, हवा और साबुन से मिलकर बनी एक पतली फिल्म होती है। ये पतली फिल्म जब गोल आकार ले लेती है तो हम इसे बुलबुला कहते हैं। दरअसल साबुन का झाग छोटे-छोटे बुलबुलों का समूह होता है।

हमारे साबुन का रंग होता है लाल नीला या पीला| फिर उसके झाग का रंग सफ़ेद ही क्यूँ ?

 

ये भी पढ़े-इतना महँगा पानी जिसकी एक बूंद की कीमत है हजारो में |

 

 

साबुन के एक बुलबुले में सूर्य की किरणें जाते ही अलग-अलग दिशा में रिफलेक्ट होने लगती हैं। यानी सूर्य की किरणें किसी एक दिशा में न जाने की बजाय अलग-अलग दिशा में बिखर जाती हैं। यही वजह होती है कि साबुन का एक बुलबुला पारदर्शी सतरंगी जैसा दिखाई देता है। आसमान का रंग भी सफेद दिखने की यही वजह है।

हमारे साबुन का रंग होता है लाल नीला या पीला| फिर उसके झाग का रंग सफ़ेद ही क्यूँ ?

 

ये भी पढ़े-दुनिया के 11 सबसे प्रदूषित शहर जन्हा साँस लेना है बहुत मुश्किल|

 

झाग बनाने वाले छोटे-छोटे बुलबुले भी इसी तरह के सतरंगी पारदर्शी बुलबुलों से बने होते हैं लेकिन ये इतने बारीक होते हैं कि हम सातों रंगों को नहीं देख पाते हैं। वहीं दूसरी ओर प्रकाश इतनी तेजी से घूमता है कि वो सभी रंगों को परिवर्तित करता रहता है। यानि कोई वस्तु सभी रंगों को परिवर्तित कर दे तो उसका रंग सफेद दिखाई देता है। इसी वजह से साबुन का रंग सफेद दिखाई देता है।

तो ये थी जानकारी हमारी तरफ से आपके लिए उम्मीद करते है आपको पसंद आएगी|

 

 

SUDHIR KUMAR
नमस्कार पाठको|
I am Sudhir Kumar from haridwar. I am working with a company as a quality Engineer. i like to singing,listening music,watching movies and wandering new places with my friends. And now you can call me a blogger.
If you have any suggestion or complain you direct mail me on [email protected].com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

error: Content is protected !!