Oops! It appears that you have disabled your Javascript. In order for you to see this page as it is meant to appear, we ask that you please re-enable your Javascript!

एक भारी School bag कितना खतरनाक हो सकता है आपके बच्चो के लिए|

Heavy school begs
 

आज कल आप सभी ने देखा होगा की बच्चो के school bag इतने भारी हो गए जितना बच्चो का खुद का वजन होता है उससे जाएदा तो उनके school bags होते है|क्या  यह सही इतने छोटे छोटे बच्चे जब इतना भारी school bag bag उठाएंगे तो उनका क्या हाल होगा कभी आप लोगो ने सोचा है|

ये एक बड़ी ही चिंता का विषय है जिसके बारे में हम लोगो यानि parents को ही सोचना पड़ेगा|क्यूंकि ये समस्या हमारे बच्चो के साथ है|आप सभी को इस बारे में school से  बात करनी पड़ेगी तभी जाके कोई हल निकलेगा|

आज आपको इसी बारे में थोडा विस्तार से बताते है| की आपके बच्चे किस परेशानी से लड़ रहे है|

एक भारी School bag कितना खतरनाक हो सकता है आपके बच्चो के लिएheavy school begs

ब्लॉग से और

स्कूल जाने वाले लगभग 60 प्रतिशत बच्चे पीठ पर भारी बैग लादे जाने से पीड़ित हैं| स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों को भारी वजन के कारण पीठ दर्द और मांसपेशियों की समस्याओं व गर्दन दर्द से जूझना पड़ रहा है|

विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों की हड्डियां 18 साल की उम्र तक नरम होती हैं और रीढ़ की हड्डी भारी वजन सहने लायक मजबूत नहीं होती|सर गंगा राम अस्पताल के Neuro spine department के निर्देशन सतनाम सिंह छावड़ा ने कहा, “भारी बैग से पीठ व कंधे की मांसपेशियों में तनाव होता है| इससे स्पाइन पर बुरा प्रभाव पड़ता है| रीढ़ में दर्द हो जाता है|”उन्होंने कहा कि पीठ पर भारी वजन से मांसपेशियां खिंच सकती हैं, जिससे सिरदर्द, गर्दनदर्द व कंधों में दर्द हो सकता है|

उन्होंने कहा, “बहुत से माता-पिता की शिकायत होती है कि बच्चे का Poshcher सही नहीं है, लेकिन पीठ पर भारी बैग लादने वाले बच्चों के लिए हम कुछ नहीं कर सकते| हम उन माता-पिता को सिर्फ सलाह दे सकते हैं कि बच्चों को दोनों कंधों की मदद से स्कूल बैग का बोझ उठाने को कहें|”

Mumbai  के L.T.M. Medical college के प्रोफेसर व हड्डी रोग विशेषज्ञ ए.बी. गोरेगांवकर मौजूदा शिक्षा प्रणाली में सुधार पर जोर देते हैं|उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों के लिए शारीरिक शिक्षा की कक्षा अनिवार्य होनी चाहिए, ताकि बच्चे फिट रह सकें|

उन्होंने कहा, “इसके अलावा बच्चों को शरीरिक गतिविधियों में भाग लेना चाहिए और उन्हें बाहर खेले जाने वाले खेल खेलने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए| इससे मांसपेशियां बढ़ती हैं और ताकत भी बढ़ता है|”

तो ये था आज का पोस्ट आपके बच्चो के लिए उम्मीद करते है आपको पसंद आएगा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

error: Content is protected !!