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विज्ञान से जुड़े कुछ ऐसे तथ्य जिन्हें आपको जरुर जानना चाहिए |

 
  • विज्ञान अपने आप में ही  सब कुछ है | हम लोगो ने कभी न कभी विज्ञान से जुड़े चमत्कार जरुर देखे होंगे |कई बार हम मैजिक शोज में जादू देखते है पर कभी कभी वो जादू नही विज्ञान होता है | आज भी विज्ञान पर विश्वास करना थोड़ा कठिन है, पर यह सच के ज़्यादा करीब है कि आज भी दुनिया में कुछ ऐसी चीज़ें हैं जो विज्ञान और वैज्ञानिकों से परे बनी हुई हैं| इंसानी शरीर की कई पहेलियां विज्ञान अभी भी सुलझाने की कोशिश कर रहा है पर न जाने कब उसे सफलता प्राप्त होगी | विज्ञान के नाम पर कई वैज्ञानिक अजीबोगरीब तरह के एक्सपेरिमेंट करते रहते हैं|


तो चलिए आज ऐसी ही कुछ विज्ञान से जुड़े तथ्यो से आपको रूबरू करवाते है |

1-वैज्ञानिक आज तक ये निश्चित नहीं कर पाए हैं, कि डायनासोर का रंग आखिर क्या था।

2-शुक्र ग्रह पर एक दिन पृथ्वी के एक साल से बड़ा होता है।

3-आपको  बता दे कि  -40 डिग्री फारेनहाइट -40 डिग्री सेल्सियस के बराबर है।

4-शनि ग्रह का घनत्व इतना कम हैं कि यदि कांच के किसी विशालकर बर्तन में पानी भरकर शनि को उसमें डाला जाये तो वह उसमें तैरने लगेगा।

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5-तापमान चाहे कितना भी कम क्यों न हो जाए, गैसोलीन कभी भी नहीं जमता।

6-क्या आपको पता है जब आप किसी सीधी चढ़ाई वाले पहाड़ पर चढ़ते हैं तो आपके घुटनों पर आपके शरीर का तीन गुना भार होता है।

7-अगर किसी एक आकाश गंगा के सारे तारे नमक के दाने जितने हो जाए तो वह Olympic का पूरा का पूरा Swimming pool भर सकते हैं|

8-हवा तब तक आवाज नही करती जब यह किसी वस्तु के विपरीत न चले|

9-बृहस्पति इतना बड़ा ग्रह हैं की यदि शेष सभी ग्रह को आपस में जोड़ दिया जाये तो वह संयुक्त ग्रह भी बृहस्पति से छोटा ही रहेगा।

10-एक व्यक्ति बिना खाने के एक महीना रह सकता है पर बिना पानी के 7 दिन, जैसा की आप सब जानते है है की हमारे शरीर में पानी की मात्रा 70 % होती है अगर शरीर में पानी की कमी की मात्रा 1 प्रतिशत भी कम हो  जाये(69%) तो आप  प्यास महसूस करने लगते है। और अगर यह मात्रा 10 प्रतिशत से कम हो जाये (60% या उससे भी कम ) तो आप की मौत हो सकती है|

11-अभी तक उल्का पिंड द्वारा सिर्फ एक ही बनावटी उपग्रह नष्ट किया गया है. यह उपग्रह European Space Agency का Olympics(1993) था|

12-एक नजरिये से तापमान मापने के लिए Celsius स्केल Fahrenheit स्केल से ज्यादा अक्लमंदी से बनाया गया, पर इसके निर्माता  एंडएरो सेल्सियस एक अनोखे वैज्ञानिक थे| जब उन्होंने पहली बार इस स्केल को विकसित किया, उन्होंने गलती से जमा दर्जा 100 और ऊबाल दर्जा 0 डिग्री बनाया, पर कोई भी उन्हें इस गलती को कहने का हौसला न कर सका, इसलिए  बाद के वैज्ञानिकों ने सकेल को ठीक करने के लिए उनकी मृत्यु का इंतजार किया|

13-अल्बर्ट आइंस्टीन के अनुसार हम रात को आकाश में लाखों तारे देखते है जगह नही होते बल्कि कही और होते है. हमें तों उनके द्वारा छोडा गया कई लाख प्रकाश साल पहले का प्रकाश होता है|

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14-आम तौर पे कक्षाओ में पढ़ाया जाता है कि प्रकाश की गति 3 लाख किलोमीटर प्रति सैकेंड होती है, पर असल में यह गति 2,99,792 किलोमीटर प्रति सैकेंड होती है| यह 1,86,287 मील प्रति सैकेंड के बराबर होती है|

15-October 1992 में लंदन के आकार जितना बड़ा बर्फ का गोला अंटार्कटिक से टूट कर अलग हो गया था|




16-अगर हम प्रकाश की गति से अपनी नजदीकी गैलैक्सी पर जाना चाहे तो हमें 20 साल लगेगें|

17-विश्व की सबसे भारी धातु ऑस्मियम है। इसकी 2 फुट लंबी, चौड़ी व ऊँची सिल्ली का वज़न एक हाथी के बराबर होता है।

18-जब पानी से बर्फ बन रही होती तो लगभग 10% पानी तो उड़ ही जाता है. इसलिए ही हमारे फ्रिज में ट्रे पर पानी जमा हो जाता है|




 

19-दुनिया के सबसे महंगे पदार्थ की कीमत सुनकर आप हैरान रह जाएंगे। इसका नाम जानने के बाद आप ये सोंच भी नहीं सकेंगे कि वाकई में इसकी कीमत इतनी ज्यादा होगी। आपमें से ज्यादातर लोग इसे सोना, चांदी या हीरा मान रहे होंगे। अगर ऐसा है तो आपको गलतफहमी में है। दुनिया की सबसे महंगा पदार्थ एंटीमैटर(प्रतिपदार्थ) है। प्रतिपदार्थ पदार्थ का एक ऐसा प्रकार है जो प्रतिकणों जैसे पाजीट्रान, प्रति-प्रोटान, प्रति-न्युट्रान मे बना होता है. ये प्रति-प्रोटान और प्रति-न्युट्रान प्रति क्वार्कों मे बने होते हैं. इसकी कीमत सुनकर आपके होश उड़ जायेंगे। 1 ग्राम प्रतिपदार्थ को बेचकर दुनिया के 100 छोटे-छोटे देशों को खरीदा जा सकता है। जी हां,1 ग्राम प्रतिपदार्थ की कीमत 31 लाख 25 हजार करोड़ रुपये है। नासा के अनुसार,प्रतिपदार्थ धरती का सबसे महंगा मैटीरियल है। 1 मिलिग्राम प्रतिपदार्थ बनाने में 160 करोड़ रुपये तक लग जाते हैं। जहां यह बनता है, वहां पर दुनिया की सबसे अच्छी सुरक्षा व्यवस्था मौजूद है। इतना ही नहीं नासा जैसे संस्थानों में भी इसे रखने के लिए एक मजबुत सुरक्षा घेरा है। कुछ खास लोगों के अलावा प्रतिपदार्थ तक कोई भी नहीं पहुंच सकता है। दिलचस्प है कि प्रतिपदार्थ का इस्तेमाल अंतरिक्ष में दूसरे ग्रहों पर जाने वाले विमानों में ईधन की तरह किया जा सकता है।

20-न्युट्रॉन तारे इतने घने होते हैं कि उनका आकार तो एक गोल्फ बाल जितना होता है मगर द्रव्यमान(वज़न) 90 अरब किलोग्राम होता है|

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21-अगर धरती का आकार एक मटर जितना कर दें तो बृहस्पति इससे 300 मीटर दूर होगा और प्लुटो 2.5 किलोमीटर मगर प्लुटो आपको दिखेगा नही क्योंकि तब इसका आकार एक बैक्टीरिया जितना होगा|

22-सूर्य द्वारा छोड़े गए 800 अरब से ज्यादा न्यूट्राॅन आपके शरीर में से गुजर गये होंगे जब तक आपने ये लाइन पढ़ी होगी।

23-विश्व के विद्युत उत्पादन का एक तिहाई सिर्फ बल्बों के द्वारा प्रकाश पाने में खर्च होता है।

24-हर घंटे यूनिवर्स सभी दिशाओ में 1 billion miles से भी ज्यादा फैल जाती है।

तो ये थे कुछ रोचक तथ्य जिन्हें आपको पता होना चाहिए |

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