कुछ ऐसे सवाल जो पूछ सकते है आपके बच्चे भी| तो तैयार रहिये हमारे साथ|

 

हेल्लो दोस्तों सबसे पहले आपको हमारे गजब चीज परिवार की तरफ से नए वर्ष की बहुत बहुत बधाई उम्मीद करते है आपका ये नया साल आपके जीवन की सारी कमिया दूर कर दे और आपको अपने आप से या किसी से भी कोई शिकायत ना रहे| तो चलिए आते है आज के पोस्ट के बारे में दोस्तों अपने कभी न कभी ऐसा महसूस जरुर किया होगा के यार ये बात तो मुझे पता ही नही बल्कि आप उसे देखते रोज है आपको पता भी है की ऐसा होता है या फिर भी वो क्यूँ होता है नही पता| हमसे से कुछ तो ऐसे होते है जिनसे कुछ पूछ लो तो वो कहते है यार मुझे पता तो है पर अभी याद नही आ रहा और आपके जवाब देने के बाद हा हा यही कहने वाला था मैं ऐसे बहुत से दोस्त होते है मेरे भी है कोई बड़ी बात नही है| पर फ़िक्र की बात है आज कल के बच्चे दोस्तों आज कल के बच्चे पहले जैसे नही रहे जैसे हम हुआ करते थे कुछ पता ही नही|  उन्हें पहले से बहुत कुछ पता होता है और बहुत कुछ जानने की इच्छा भी होती है तो उसके लिए आपको तैयार होना पड़ेगा| कभी कोई बच्चा या आपका ही बच्चा आपसे कुछ ऐसा पूछ ले जो आपको पता भी न हो| तो चलिए कुछ ऐसे ही रोज मर्रा के सवाल जो आपके बच्चे कभी भी आपसे पूछ सकते है  जिनके जवाब सभी को नही पता होते आपके साथ शेयर करते है|

children asking question to our parents


बाइक चलाते समय क्‍यों निकलते हैं आंखों से आंसू 

tears

जब हम बाइक चलाये या बाइक के पीछे बिना चश्‍मा पहने बैठें तो हमारी ऑखाेें में आंसू आने लगते हैं इन आंसूूओं के आने कारण यह कि जब तेज गति से हवा हमारी ऑखों से टकराती है तो हवा हमारी आंखों में उपस्थित नमी को सोख लेती है और हमारी आंखे  उस नमी को बरकरार रखने के लिए अधिक से अधिक आंसू बनाती हैं क्‍योंकि आंख के जिस भाग से आंसू बाहर  निकलते हैं वह भाग इतने अधिक आंसूओं को बाहर नहीं निकाल पाता है और उस समय थोड़े थोड़े आंसू हमारी आंखों से बाहर आने लगते हैं यही कारण है कि बाइक चलाते समय आंखों से आंसू निकलते हैं|

 

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क्यों आती है हमें हिचकी 

hiccups

अक्‍सर देखा होगा कि अगर हम ज्‍यादा तीखा या तेजी से खाने से हमें हिचकी की परेेशानी हो जाती है पर क्‍या अापने कभी सोचा है कि हमें हिचकी क्‍योंं आती है हम आपको बता दें कि हमारे छाती और पेट के बीच डायफ़्राम (Diaphragm) एक माँसपेशी होती है| जो हमारे फेफड़ों  में हवा भरने का कार्य करती है| लेकिन जब हम कोई ज्‍यादा तीखा खाना या तेजी से हसते हैं तो डाइफ्राम को नियंत्रण करने वाली नसों में कुछ हलचल सी हो जाती है| तो हमारे फेंफडों में तेजी से हवा अन्‍दर जाती है| जिसके कारण हिचकी की परेशानी उत्‍पन्‍न हो जाती है यह एक सामान्‍य बात है जाेे हर किसी इंंसान को हो सकती है|

 

 क्‍यों डाले जाते हैं ट्रेन की पटरियों के आसपास कंकड़

railway track

ट्रेन बहुत तेजी से चलती है और जब ट्रेन चलती है तो पटरीयों में बहुत तेजी से कंपन होता है| इसी कंपन के कारण पटरीयां इधर-उधर न हिलें इसीलिए रेल की पटरीयों के आस पास कंकड डाले जाते हैं| ये कंकड पटरीयों पर स्‍प्रिग का कार्य करते हैं| जब पटरीयों से ट्रेन गुजरती है तो ये नीचे की तरफ दब जाते हैं और जब ट्रेन गुजर जाती है| तो अपनी जगह पर वापस आ जाते हैं इन कंकडों से एक फायदा और भी होता है कि पटरीयों के आस-पास झाडियॉ नहीं उगती हैं| अगर पटरीयों के आस-पास कंकड की जगह सीमेंट या कुछ और डाला जायें तो कंपन की वजह से उनमें जगह बन जाऐगी ओर पटरीयॉ इधर-उधर खिसक सकती है| जिससे रेल दुर्घटना हो सकती है तो यही कारण है क‍ि रेल की पटरीयों के आस-पास कंकड डाले जाते हैं|



क्‍या होता हैं कोहरा 

fog

कोहरा एक प्रकार का निम्‍न स्‍तरीय मेघ या बारिश होती है| जैसा कि आप जानते हैं कि हमारे वायुमंडल में जलवाष्‍प के कण उपस्थित रहते हैं और जब ज्‍यादा ठंंड पडती है तो यह जलवाष्‍प ओसांक के नीचे और हिंमांंक के ऊपर रहती है| तो हवा में उपस्थित पानी की बूॅदें कोहरे या धुंध के रूप में दिखाई देती हैंं| असल में पानी की ये बारीक बॅूदें हवा में तैर रही होती हैं जिससे दृृष्‍यता बहुत कम हो जाती है
नोट –
1. ओसांक वह स्थिति होती है जब वायुमंडल में स्थिति जल वाष्‍प पानी में बदल कर ओस के रूप में जमीन या पेड पौधों की पत्‍तीयों पर गिर जाती है या जम जाती है |
2. हिमांक वह स्थिति होती जब वायुमंडल में स्थित जल वाष्‍प वर्फ में बदल जाती है इसी के कारण पर्वतीय क्षेेत्रों में वर्फवारी होती है| 

 

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क्‍यों होते हैं फरवरी माह में 28 या 29 दिन

febuary

दसअसल दोस्‍तों आज जो हम कैलेंडर का प्रयोग करते हैं वह रोमन कैलेंडर पर आधारित है|  पुराने रोमन कैलेंडर में महिनों की शुरूआत मार्च माह से होती थी और पूरे वर्ष 304 दिन का होता था| और वर्ष में 10 माह होते थे| और बाद में इस कैलेंडर में सुधार हुआ और दो महीने जनवरी और फरवरी को जोड दिया गया और वर्ष 12 माह 355 दिन हो गये| लेकिन यह कैलेंडर भी सही सावित नहीं हुआ| कुछ त्‍योहार इस कैंलेडर के अनुसार सही समय पर नहीं आये तो इस कैंलेडर में और भी सुधार किया गया |और इन्‍हीं त्‍योहारों की तारीख सही करने के लिए फरवरी माह से दो दिन कम कर दिये गये और वर्ष में 365 हो गये और यह कैलेडर पृथ्‍वी और सूर्य की परिक्रमा के अनुसार भी  बनाया गया क्‍योंकि पृथ्‍वी को सूर्य का चक्‍कर पूरा करने में 365 दिन और 6 घंटे का समय लगता है और प्रत्‍येक वर्ष 6 घंटे बच जाते हैं और यही 6 घंटे चार साल बाद 24 घंटे यानि एक दिन बना लेते हैं और इन्‍हें फरवरी माह में जोड दिया जाता है| और यही कारण है कि फरवरी माह में 28 या 29 दिन ही होते हैं|

 

क्यों होता है खून का रंग लाल 

blood colour

मनुष्‍य के श्‍ारीर में खून प्‍लाज्‍मा और रक्‍त कणिकाओं सेे मिलकर बना होता है| ये रक्‍त कणिकायें तीन प्रकार होती है 1-लाल रक्त कणिका, 2-श्वेत रक्त कणिका और प्लैटलैट्स| इनके अलग-अलग कार्य होते हैं लाल रक्त कणिकायें शरीर में ऑक्‍सीजन पहुॅचानेे का कार्य करती हैं| लाल रक्त कणिकाओं में लाल रंग का हीमोग्‍लो‍बिन होता है| जिसकी वजह से ये लाल रंग दिखाई देेती है और इनकी संंख्‍या खून में 97 प्रतिशत होती है| यही कारण है कि खून का रंग लाल दिखाई देता है, यह बिलकुल वैसे ही है जैसे पेड-पौधों में हरे रंग का क्‍लोरोफिल होने केे कारण उनके पत्‍तों का रंग हरा दिखाई देेता है।

 

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क्‍यों जाती है आग की लौ ऊपर की ओर 

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जैसा कि आप आग ऑक्‍सीजन की उपस्थिति में ही जल पाती है |ऑक्‍सीजन केे अलावा वातावरण  में अन्‍य गैैसें भी उपस्थिति रहती हैं जब किसी बस्‍तु या पदार्थ में आग जलती है तो उसमें ऑक्‍सीजन के साथ-साथ अन्‍य गैसें भी उत्‍सर्जित हाेती हैं| जो कि ऑक्‍सीजन सेे हल्‍की होती हैं जिसमें धुआं भी शामिल है ये सभी गैंसे आग की लौ को ऊपर की तरफ ले जाती हैं या सीधे शब्‍दाें मेें कहें कि इन्‍हीें हल्‍की गैंसों के ऊपर उठने के कारण आग की लाैै ऊपर की ओर जाती है|

 

क्‍यों तैरता है शव पानी पर 

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वैज्ञनिक आर्कमिडीज के सिंद्धांंत के अनुसार कोई वस्‍तु पानी में तब डूूब जाती है| जब वह अपने भार के बराबर पानी नहीं हटा पाती है और हटे उस वस्‍तु के द्वारा हटे हुएे पानी का भार कम हो तो वस्‍तु पानी पर तैरती रहती है| जब कोई व्‍यक्ति मर जाता है तो उसके मृत शरीर में एंजाइम की क्रिया शुरू हो जाती है| इस क्रिया के कारण शव फूूल जाता है तो शव अपने भार के बराबर पानी नहीं हटा पाता और यही कारण है कि शव पानी पर क्‍यों तैरता रहता है|

 

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एम्बुलेंस पर नाम उल्‍टा क्यों लिखा जाता है

ambulance

जैसा की आप सब जानते है की  ऐम्‍बुलेंस का प्रयोग रोगियों को लेने के‍ लिए किया जाता है क्‍योंकि जब ऐम्‍बुलेंस गंभीर बिमारी के रोगियों को ले जाती है तो वह काफी तेजी से चलती है| और उससे आगे की तरफ ऐम्‍बुलेंस के अक्षरों को उल्‍टा लिख दिया जाता है ताकि उससे आगे चलने वाली गाडीयों को उनके पीछे देखने वाले दर्पण में ऐम्‍बुलेंस पर लिखे अक्षर सीधे दिखाई दे और वह ऐम्‍बुलेंस को जल्‍दी ही रास्‍ता दे सके यही कारण है एम्बुलेंस पर नाम उल्‍टा लिखा जाता है|

 

तारे क्‍यों टिमटिमाते हैं

Star Shimmer

दरअसल तारे एक समान प्रकाश के साथ चमकते हैं| लेकिन इस प्रकाश को हमारी आखाें तक पहुॅचने के लिए वायुमंडल की परतों से हाेकर गुजरना पडता है और ज‍ब तारों का प्रकाश इन वायुमंडल की परतों से टकराता है| इसके प्रकाश अवरोध उत्‍पन्‍न होता है इसी अवरोध के कारण हमें तारे टिमटिमाते हुऐ दिखाई देेते हैं|

 

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क्यों दिखाई देता है आकाश का रंग नीला 

sky colour

आपको बता दें कि पृथ्वी और वायुमंडण्ल के बीच का स्थान क्षोभमंडण्ल कहलाता है सभी मौसमी घटनायें बादल,ऑधी, चक्रवात इसी क्षोभमंडल में जन्म लेते है जिस कारण यह क्षोभमंडण्ल धूल के कणों से भरा रहता है जब सूर्य का प्रकाश इस क्षोभमंडण्ल से टकराता है तो क्षोभमंडण्ल में उपस्थित धूल के कण  प्रकाश काे इधर उधर बिखर जाता है और आप तो जानते ही हैं कि सूर्य का प्रकाश सात रंगों बैगनी , नीला , आसमानी , हरा, पीला , नारंगी , लाल से मिलकर बना होता है| जब यह प्रकाश क्षोभमंडण्ल से टकराता है तो बैगनी नीला आसमानी रंग सबसे ज्यादा फैलते हैं|और यही कारण है कि प्रकाश के सातों रंगों में से नीला रंग हमें दिन की रोशनी में दिखाई पडता है| इसके विपरीत रात में जब सूर्य का प्रकाश पृथ्वी पर नहीं पहुॅचता है तो आकाश का रंग काला दिखाई देता और तारे दिखाई देते हैं|



क्‍यों निकलता है एयर कंडीशनर से पानी 

Why-Water-Comes-Out-From-the-Air-Conditioner

दसअसल एयर कंडीशनर से पानी निकालने की क्रिया को आप ऐसे समझ सकते हैैं कि जब हम किसी ग्‍लास मेें ठंडा पानी भर कर रख देते हैं तो ग्‍लास के ऊपर पानी की बॅूदें जम जाती है| और कुछ समय के बाद यह बूॅदेें पानी के रूप में ग्‍लास के नीचे इकठ्ठा हो जाती है ऐसे ही जब एयर कंडीशनर चलता है| तो उसमें उत्‍पन्‍न गैस उसमें लगे पाइपों से गुजरती है और उन पाइपों के ऊपर पानी की बॅूदें जमा हो जाती हैं| और यही बूॅदें बाहर के गर्म वातावरण के संंपर्क में आकर पानी का रूप ले लेती हैं| और यही पानी एयर कंडीशनर से बाहर निकलता है यही कारण है कि एयर कंडीशनर से पानी निकलता है|

 

तो ये थे कुछ ऐसे रोजमर्रा के सवाल जिनके जवाब आपको पता होने चाहिए ताकि आपके बच्चे आप से कुछ भी पूछे आप को सब पता हो और आप उनके हीरो या हेरोइन हो |

SUDHIR KUMAR
नमस्कार पाठको|
I am Sudhir Kumar from haridwar. I am working with a company as a quality Engineer. i like to singing,listening music,watching movies and wandering new places with my friends. And now you can call me a blogger.
If you have any suggestion or complain you direct mail me on sudhir.kumart.hdr1989@gmail.com

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