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माँ का दूसरा रूप है दुर्गा देखना चाहोगे|(MOM मूवी रिव्यु)

 
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माँ को भगवान का दूसरा रूप कहा गया है और श्रीदेवी ने इस मूवी में ये साबित किया है |

मूवी में एक सीन में श्रीदेवी बोलती है की भगवान् हर जगह नहीं होता तो इस पर नवाजुद्दीन कहेते है  की तभी भगवान् ने माँ बनाई है |

कही न कही ये सच भी है माँ की जगह कोई भी नही ले सकता खुद भगवान् भी नही|कई बार ऐसा होता है गलती हमारी होती है और सहेना हमारे घरवालो को पड़ता है और वो कभी उफ्फ तक नही करते

मॉम की कहानी का सारांश:

दिल्ली की एक बायॉलजी टीचर देविकी (श्रीदेवी) की खुशियों को तब नज़र लग जाती है जब उनकी बेटी आर्या के साथ जगन और उसके साथी रेप कर देते हैं। क्या देवकी अब कानून के फैसले का इंतजार करेगी या मां दुर्गा बनकर खुद दुष्टों का संहार करने निकलेगी। जानने के लिए आप भी MOM मूवी देखिएगा.

स्टार कास्ट:-

श्रीदेवी सजल अली
नवाजुद्दीन सिद्दीकी अक्षय खन्ना
अदनान सिद्दीकी

रिव्यू:

मॉम आपको कई बार यह एहसास दिलाती है कि आप निर्भया के देश में रहते हैं। इसी विषय पर बनी अन्य फिल्मों की तरह डेब्यूटेंट रवि उद्यावर की इमोशनल थ्रिलर फिल्म आपको बताती है कि इंडिया या खासतौर से दिल्ली महिलाओं के लिए बिल्कुल सुरक्षित नहीं और यंग लड़कियों के लिए तो यह साफ असुरक्षित है। …और इस बात की प्रासंगिकता इस फिल्म को देखने को और महत्वपूर्ण बनाती है।

फिल्म की शुरुआत एक टीनेजर और उसकी सौतेली मां के बीच रूखेपन वाले व्यवहार से होती है। यह पूरा ट्रैक बड़ी ही खूबसूरती से फिल्माया गया है। …और फिर टीनेजर के रेप और उसके साथ दुर्व्यवहार के बाद फिल्म का एक अलग पहलू नज़र आता है। फिल्म के प्लॉट के बारे में यहां और बताना सही नहीं, क्योंकि इससे क्लाइमैक्स का भी खुलासा हो सकता है।

और इतना आप को बता दे जा देवकी मैडम प्राइवेट डिटेक्टिव डीके ( नवाजुद्दीन) से हाथ मिलाती है तब कहानी मे एक अलग मोड़ आ जाता है जिससे मूवी और भी अच्छी हो जाती है .और एक कड़क मिजाज पुलिस ऑफिसर फ्रांसिस (अक्षय) ने भीनि भूमिका काफी अच्छी निभाई है |

एक समय पर आपको यह कहानी काफी आम लगेगी। यह हर उस फिल्म से मिलती लगेगी जिसमें खोए हुए बच्चों को मां-बाप ढूंढते हैं। फिल्म में कुछ ट्विस्ट और टर्न हैं, जो आपको बांधे रखने का दम रखते हैं। इस कहानी में श्रीदेवी के किरदार में आए उतार-चढ़ाव ही इस फिल्म की स्क्रिप्ट को मजबूत बनाते हैं।

अपनी 300वीं फिल्म में श्रीदेवी ने साबित कर दिया कि आखिर क्यों वह देसी सिनेमा में आज भी लोगों के दिलों पर राज करती हैं। इस फिल्म में उन्होंने अपनी दमदार परफॉरमेंस से खुशी, बेबसी, प्रतिशोध और जीत के भाव को बखूबी बयां किया है। भावनाओं से भरपूर यह फिल्म आपको जरूर भावुक कर देगी।

इस रोल को निभाने में उनके पति आनंद (अदनान) उनका साथ देते हैं जो कि एक बिज़नसमन है और बड़े ही उदार स्वभाव के व्यक्ति हैं। वहीं, नवाजुद्दीन भी अपने वन लाइनर्स के साथ दर्शकों पर छाप छोड़ने में कामयाब होते हैं जो की उनकी पुरानी आदत है |अक्षय खन्ना जानदार ऐक्टिंग करते दिखते हैं। उन्हें देखकर आपको आश्चर्य होगा कि वह लंबे वक्त तक फिल्मों से दूरी क्यों बना लेते हैं हो सकता है की उनका कोई पर्सनल रीज़न हो|

फिल्म में श्रीदेवी की बड़ी बेटी का किरदार निभा रहीं सजल अली,जो की पाकिस्तानी एक्ट्रेस है,जिन्हें देखकर ऐसा लगता है कि वह करीना कपूर की फिल्में देखकर ही बड़ी हुई है, उनमें साफ तौर पर सीनियर ऐक्टर की छाप दिखाई पड़ती है। वहीं, ए. आर. रहमान का बैकग्राउंड स्कोर कमाल का रहा है। ऐना गोस्वामी के कैमरे ने भी ऐक्टर्स के अभिनय को बखूबी दर्शाया है।

 

ओवरआल मैं यही कहूँगा आप लोग मूवी देखने जरुर जाये आपको बहुत मजा आएगा|

मैं MOM  मूवी इतने स्टार देता हूँ| [usr 4.5]

अगर आपने ये मूवी देखि तो अपनी रेटिंग्स दीजिये

 

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