क्या आप जानते है जब हमारा तिरंगा फट जाता है तो क्या होता है उसका ?

 

देश का हर नागरिक अपने देश का सम्मान करता है| पर अपने देखा होगा की आज कल हमारे देश में  कही कही सुनने को मिलता है के कोई राष्ट गान के दौरान कोई खड़ा नही हुआ| और वो जनाब कहते है कहा लिखा है ऐसा करना| पर श्याद वो लोग ये भूल जाते है कुछ चीजे कही लिखी नही होती बल्कि अपने दिल से होती है|खैर छोडिये उन्हें जैसा की मैं कहता ही रहता हूँ अपवाद तो हर जगह होते है| वैसे हमारे देश की हर वो चीज जिससे देश का सम्मान बढ़ता है हम सब को उन चीजो का सम्मान करना चाहिए| क्या आप लोग जानते है जब हमारा प्यारा तिरंगा मैला या पुराना या फिर फट जाता है तो उसका क्या होता है|अगर नही तो चलिए आज आप सब को बताते है की फट जाने के बाद आखिर तिरंगे का होता क्या है|

जैसा आप सब लोग जानते है की हमारे राष्ट्रीय धवज को तिरंगा कहते हैं। इसमें नारंगी नहीं बल्कि केसरिया रंग होता है और अशोक चक्र में 24 तीलियां होती हैं।
ये सब तो आप लोग जानते ही है राष्ट्रीय ध्वज के बारे में पर क्या आप यह जानते है ,की  15 अगस्त बीत जाने के बाद जगह-जगह लहराने वाले झंडों का बाद में क्या होता है।


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आजादी के जश्न के बाद जब वह मैले, पुराने और फट जाते हैं, तो उनका क्या किया जाता है।आपको बता दे की  पुराने, मैले और फटे हुए ऐसे झंडों को व्यवस्थित तरीके से निस्तारित किया जाता है।

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फ्लैग कोड ऑफ इंडिया 2002 का क्लॉज़ बताता है –पार्ट-2, सेक्शन 1-22 (xiii): अगर झंडा फटा-पुरानी अवस्था में है तो किसी निजी जगह पर इसे निस्तारित करना चाहिए। तिरंगे की मर्यादा को ध्यान में रखते हुए इसे दफनाना या कोई और तरीका अपनाया जा सकता है।फटे झंडे को जला कर भी उसे निस्तारित किया जा सकता है। आप उसे दफना भी सकते हैं, लेकिन यहां एक मुश्किल होती है। मिट्टी हट जाने से वह दोबारा ऊपर आ सकता है। वह फिर इधर-उधर हवा से जा सकता है और लोगों के पैरों के नीचे पड़ सकता है।

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चूंकि आजकल प्लास्टिक के झंडे भी चलन में हैं। लोग 15 अगस्त के दिन अपनी बाइक-कार, घर पर, बच्चों के लिए और स्कूल में कार्यक्रम में साज-सज्जा के लिए ढेरों झंडे मंगा लेते हैं। जश्न बीतने के बाद उनका क्या हश्र होता है। यह बताने की जरूरत नहीं है, इसलिए प्लास्टिक के झंडे जला कर ही निस्तारित किए जाने चाहिए।

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तो दोस्तों आगे से ध्यान रखियेगा की 15अगस्त या 26 जनवरी के बाद हमे राष्ट्रीय धवज  को कैसे निस्तारित करना है क्यूंकि देश का कोई नागरिक ये नही चाहेगा की उसके देश का  राष्ट्रीय धवज किसी की पैरो के नीचे आये| तो ये था आज पोस्ट आपके लिए|

SUDHIR KUMAR
नमस्कार पाठको|
I am Sudhir Kumar from haridwar. I am working with a company as a quality Engineer. i like to singing,listening music,watching movies and wandering new places with my friends. And now you can call me a blogger.
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2 Comments

    1. धन्यवाद 🙂 और जानकारियां हम काफी research के बाद डालते है जिससे हम अपने पाठको को सही जानकारी दे पायें
      ब्लॉग से जुड़े रहने के लिए धन्यवाद

       

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